137 साल की परंपरा फिर जीवंत, बल्ली पूजन के साथ रामलीला का शंखनाद
एक तरफ बदलता दौर, आधुनिक मनोरंजन के साधन और तेजी से बदलती जीवनशैली... दूसरी तरफ 137 साल पुरानी वह परंपरा, जो आज भी डीग की गलियों में रामलीला के रूप में जीवंत है। सोमवार को नीलकंठ महादेव मंदिर, मुख्य…
