मेडिकल में हिंदी का हश्र:3 साल में 10 करोड़ खर्च, 50 हजार किताबें छपीं, एक भी विद्यार्थी ने हिंदी में नहीं दी परीक्षा
तीन साल पहले मप्र में मेडिकल शिक्षा में अंग्रेजी के विकल्प के रूप में हिंदी में एमबीबीएस की शुरुआत बड़े मिशन के रूप में हुई थी। 10 करोड़ खर्च कर 50 हजार हिंदी मेडिकल किताबें छापी गईं। मेडिकल कॉलेजों…
