45 पर्यटन स्थलों से बदलेगी जिले की तस्वीर,चार श्रेणियों में बांट कर विकसित करने की है योजना
कभी छऊ की जीवंत परंपरा, कभी सदियों पुराने जगन्नाथ मंदिर की आस्था, कभी दलमा-चांडिल की पहाड़ियों व जलाशयों की प्राकृतिक खूबसूरती। सरायकेला-खरसावां के पास पर्यटन की ऐसी विरासत है, जिसे अब योजनाबद्ध…
