आत्मा की शुद्धि और निर्मल भाव ही वास्तविक धर्म साधना
भास्कर संवाददाता | विदिशा धर्म साधना का अर्थ केवल बाहरी वेशभूषा बदलना या धार्मिक प्रतीक धारण करना नहीं है। यदि मन में समाधि के भाव और आत्मा की शुद्धि नहीं है तो केवल भेष धारण करने से मोक्ष का मार्ग…
