अयोध्या में भगवान राम को अर्पित करेंगे श्याम सुंदर:‘नासै रोग हरै सब पीरा’ से शुरू हुई साधना; 42 महीने में रचा 1435 पन्नों का हनुमंत ग्रंथ
परिजन की जिंदगी बचाने की चिंता में हनुमानजी से लगाई गई आस धीरे-धीरे साधना बन गई। फिर यही साधना शब्दों में उतरने लगी। लगातार 42 महीने तक सूर्योदय से सूर्यास्त तक लेखन चला, जो मंगलवार को 1,435 पन्नों…
