बाढ़ घर बहा ले गई, इंसानियत नहीं... पिता से समधी बोले- आप व्यवस्थित हो जाएं, शादी निश्चित होगी
भास्कर न्यूज|नौतन/बेतिया जब कुदरत का कहर टूटता है, तो इंसान के बनाए मिट्टी और सीमेंट के आशियाने ही नहीं, बल्कि सालों से सहेजे गए सुनहरे ख्वाब भी पल भर में बह जाते हैं। बैरिया प्रखंड के फुलियाखांड़ में…
