बांदा में महंगाई के कारण रावण के पुतले छोटे हुए:पहले 50-60 फीट के बनते थे, अब बजट के हिसाब से तय हो रही ऊंचाई
बांदा में दशहरे पर रावण दहन की परंपरा कई दशकों से चली आ रही है। शहर में अलग-अलग स्थानों पर रावण के पुतले जलाए जाते हैं, लेकिन बदलते समय और बढ़ती महंगाई का असर अब इस परंपरा पर भी दिखाई देने लगा है।…
