बच्चे मूक-बधिर हैं ...इसलिए सिस्टम अंधा है:मरम्मत को 1.5 करोड़ रुपए मांगे थे, मिले 10 लाख, ठेकेदार ने काम अधूरे छोड़े, जिम्मेदार मौन
यह उत्तर भारत के सबसे बड़े पोद्दार मूकबधिर स्कूल के हालात हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चे बोल नहीं सकते। शायद इसीलिए सिस्टम ने मान लिया कि इनका दर्द सुनाई भी नहीं देगा। तीन महीने पहले 5 अगस्त को पीने के…
