बचपन की बीमारी जवान होने तक बरकरार:70 प्रतिसत मरीजों को पता नहीं आगे किस डॉक्टर से कराना चाहिए इलाज, स्वस्थ होने में लग रहा ज्यादा समय
बचपन से न्यूरोलॉजिकल बीमारी का इलाज करा रहे मरीजों के सामने 18 साल की उम्र के आसपास नई परेशानी खड़ी हो जाती है। बीमारी बनी रहती है, लेकिन बच्चों के डॉक्टर से वयस्कों के डॉक्टर के पास जाने की व्यवस्था…
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