बेटी दिवस: दूसरी बेटी पर आज भी मायूस होते परिजन:पहली बेटी पर जश्न, दूसरी पर मायूसी, दहेज और सुरक्षा है चिंता की वजह
आगरा में बेटियों को लेकर परिवारों की सोच में पिछले 20 साल में बदलाव आया है। पहले जहां बेटी के जन्म पर करीब 70% माता-पिता और परिजन दुखी होते थे, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर करीब 40% रह गया है। हालांकि,…
