'भूखी थी, रोटियां उठाईं तो कहा-तुम्हारे बाप की हैं क्या':दुबई से भोपाल लौटी महिला बोली- मोबाइल-पासपोर्ट छीना, 90 दिन कैद रखा; रोती रही
उस दिन बहुत भूख लगी थी। सामने खाना रखा था। दो रोटियां उठाईं, तभी एक महिला की नजर मुझ पर पड़ी। उसने कहा- क्या ये रोटियां तुम्हारे बाप की हैं? यह सुनते ही हाथ रुक गए। रोटियां वापस रख दीं। यह पीड़ा मध्य…
