चिरोल वाली माता मंदिर: ब्रह्मचारी ईश्वरानंद और सिद्ध बाबा की समाधियों की तपोभूमि
भास्कर संवाददाता | विदिशा बैस नदी के किनारे बना प्राचीन चिरौल वाली माता मंदिर करीब 1100 साल पुराना है। इस मंदिर में माता महागौरी अपने पुत्र विघ्न विनाशक भगवान श्री गणेश के साथ विराजमान हैं। यहां…
