दौड़ ने बदली जिंदगी, अब सेना में पहनेंगे वर्दी:ट्रक ड्राइवर-किसान के बेटों ने स्टेडियम से शुरू किया सफर, नेशनल खेले, अब सेना में चयन
सातवीं-आठवीं कक्षा तक पढ़ाई में मन नहीं लगता था। किताबों से ज्यादा आकर्षण दौड़ के ट्रैक का था। स्टेडियम पहुंचे तो शुरुआत महज खेल से हुई, लेकिन धीरे-धीरे दौड़ जुनून बन गई। मैदान पर घंटों पसीना बहाया,…
