डॉक्टर-इंजीनियर ने छोड़ी शहर की जिंदगी, भक्तिग्राम में बसे:बिजली-मोबाइल से दूरी; धोती-कुर्ते में बच्चे, जुबान पर संस्कृत के श्लोक; 60 लोग ऐसे जीते हैं
हर दिन जब सूरज डूबता है, तो विदिशा के गंजबासौदा से 28 किलोमीटर दूर, बड़वासा गांव के पास बसे भक्तिग्राम में अंधेरा उतरने पर कहीं कोई बल्ब नहीं जलता, बल्कि घर-घर दीये जल उठते हैं। कहीं लालटेन टिमटिमाती…
