दंगा में 73 मृतकों के नामों से बनी सच की दीवार संगत को समर्पित
सिटी रिपोर्टर | बोकारो 1984 के सिख कत्लेआम के 42 वर्ष बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवारों के जख्म नहीं भर सके हैं। अपनों को खोने का दर्द और न्याय की अधूरी उम्मीद आज भी उनके दिलों में कायम है। इसी दर्द…
