दो कचौड़ी, एक समोसा…मर्दों का क्या भरोसा’:देवबंदी उलेमा बोले-सुरक्षा की चिंता जताने वाली लड़कियों की बात भी समझनी होगी, बेटों को महिलाओं के सम्मान की सीख देना जरूरी
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नारा चर्चा में है- “दो कचौड़ी, एक समोसा… मर्दों का क्या भरोसा।” नारे के शब्दों को लेकर जहां सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं देवबंदी उलेमा…
