द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच धायल बोले- प्रतिभाओं की कमी नहीं:अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग में पदकों की निरंतरता के लिए चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, आधुनिक ट्रेनिंग जरूरी
मैरी कॉम, विजेंदर सिंह, अमित पंघल और निकहत जरीन ने अंतरराष्ट्रीय रिंग में भारत को पहचान दिलाई, लेकिन मौजूदा दौर में पदकों की निरंतरता बनाए रखना चुनौती बन रहा है। द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित…
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