EXCLUSIVE- हक मांगो तो लाठी, हमें नाली का कीड़ा समझा:10 घंटे ट्रेन में खड़े रहे, पेट परीक्षा के नाम पर युवाओं की दुर्गति
"अपने बच्चों को तो विदेशों में पढ़ाएंगे और यहां के युवाओं को नाली के कीड़े की तरह समझ रखा है... जब हक मांगो तो लाठियां मिलती हैं, सरकार अंधी और बहरी हो चुकी है।" यह दर्द और गुस्सा सुल्तानपुर से बरेली…
