घर बहा, इंसानियत नहीं:भावी समधी बोले- बेटी की शादी हम कराएंगे
पक्का घर, कपड़े और बेटी की शादी का सामान सब बहा; बांध पर पन्नी के नीचे बैठे पिता को भरोसे ने दी नई उम्मीद जब कुदरत का कहर टूटता है, तो इंसान के बनाए मिट्टी और सीमेंट के आशियाने ही नहीं, बल्कि सालों…
