ग्रंथगढ़ के कच्चे मकान देखकर ऑस्ट्रेलिया में रहते सनम काहलों ने तस्वीर बदलने की ठानी
विदेश में रहकर भी अपनी मिट्टी से रिश्ता निभाने की चाह हो तो दूरी मायने नहीं रखती। अपने गांव के कच्चे मकानों और उनमें रहते परिवारों की गरीबी को देखकर ऑस्ट्रेलिया में रह रहे एनआरआई का ऐसा मन पसीजा कि…
