हर घंटे 30 किलो होगा प्रोसेस:अब पराली और कृषि कचरा आएगा काम, इससे बनेगा कोयले जैसा बेहतर ईंधन, एमपीयूएटी को मिला पेटेंट
खेतों में फसल काटने के बाद बचने वाला कचरा (कृषि अवशेष) अब फेंकने या जलाने के बजाय उच्च गुणवत्ता वाले ठोस जैव-ईंधन (बायो-फ्यूल) में बदला जा सकेगा। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय…
