इसी मंदिर से गाजे बाजे और ढोल ढमाकों के साथ शुरू होती है विजयादशमी की पारंपरिक सवारी
समय: सूर्यास्त के तुरंत बाद ठीक शाम 6:15 बजे 521 मिट्टी के दीये एक साथ प्रज्वलित किए जाएंगे। महाआरती: दीप प्रज्वलन के तुरंत बाद सामूहिक महाआरती होगी, जिसमें सभी श्रद्धालु एक साथ शामिल हो सकेंगे।…
