जब ढोल की थाप में घुली शास्त्रीयता, तब सामने आया सरायकेला छऊ संगीत का अनूठा संसार
जिस संगीत को अक्सर छऊ नृत्य की पृष्ठभूमि भर समझ लिया जाता है, उसकी अपनी एक समृद्ध और विशिष्ट संगीत परंपरा है जिसकी थाप में इतिहास, राग में परंपरा और ताल में सरायकेला की सांस्कृतिक पहचान सांस लेती है।…
