जेकेके में 'शैशव' प्रदर्शनी का आयोजन:वरिष्ठ छायाकार शैलेंद्र गोसाईं ने तस्वीरों में सहेजी बचपन की मासूमियत, 27 साल के अनुभव को दिखाया
बचपन जिंदगी का वह दौर है, जिसमें खुशियों के लिए किसी बड़े कारण की जरूरत नहीं होती। कभी खिलखिलाती हंसी, कभी खेल में डूबी आंखें, कभी किसी नई चीज को जानने की जिज्ञासा तो कभी बिना किसी चिंता के अपने ही…
