जहां गर्भवतियां गांव से नहीं निकलती थीं, वहां 40 की सोनोग्राफी
भास्कर न्यूज | सुकमा जिले के अंदरूनी गांवों में मातृत्व की तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। जहां पहले गर्भवती महिलाओं का प्रसव घर पर ही कराने की परंपरा थी। यहां तक महिलाएं अस्पताल जाना उचित नहीं मानते…
