जिस्म पर लिखा राम-राम, सांसों में बसी भक्ति:सांस्कृतिक संसद में सुनाई आस्था और संघर्ष की कहानी, अध्यक्ष बोले- अब लोग रामनाम लिखवाने से बच रहे
माथे से लेकर पैरों तक राम-राम। कपड़ों पर राम, शॉल पर राम, टोपी पर राम। घर की दीवारों और दरवाजों पर भी राम नाम की छाप। यह सिर्फ आस्था नहीं, सदियों पुराने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ खड़ा हुआ एक ऐसा…
