जितना हंसता आदमी, उतना बढता खून...:दुनिया को हंसाने के लिए ही आए थे काका, शमशान स्थल पर भी जमकर लगे थे ठहाके
हास्य-व्यंग्य के आका कवि काका हाथरसी की आज जयंती और पुण्यतिथि है। प्रभुलाल गर्ग के नाम से जन्मे काका हाथरसी का जन्म 18 सितंबर 1906 को हाथरस की जैन गली में हुआ था। बचपन संघर्षों में बीता। जन्म के कुछ…
