जमुई कांड– गांव वालों में थी नंदन–हरेराम की दहशत:महिलाएं बोलीं– कोई बहू या बेटी निकले, छेड़ने लगते; बेटियों ने पढ़ाई तक छोड़ दी
“हमारा रास्ता ही वही है। बहू हो या बेटी, ये लोग सबके सामने छेड़खानी करते थे और गंदी-गंदी बातें बोलते थे। मेरी बहू को भी कुछ दिन पहले बीच सड़क पर मोटरसाइकिल लगाकर रोक दिया था। पहले भी ऐसा होता था,…
