खून और जल दोनों एक साथ नहीं बहेंगे:संस्कृति संसद में संत बोले- फरक्का-सिंधु समझौते रद्द करें सरकार,वर्ष प्रतिपदा पर आएगी हिंदू आचार संहिता
महादेव की नगरी काशी में तीन दिनों तक चली छठी संस्कृति संसद का समापन कई अहम संकल्पों के साथ हुआ। संतों और धर्माचार्यों ने तीन प्रमुख प्रस्तावों पर मुहर लगाई। इनमें विदेशों में मौजूद मनुस्मृति की मूल…
Also covered by: Dainik Bhaskar - Uttar Pradesh
