कंधों पर बैठाकर मां काली को देते हैं विदाई:सागर में 122 साल पुरानी परंपरा; विसर्जन जुलूस में आगे चलती है मशाल
सागर के पुरव्याऊ टौरी पर 122 सालों से कांधे वाली काली की स्थापना की जाती है। यह परंपरा अंग्रेजी शासनकाल में वर्ष 1905 से शुरू हुई जो लगातार 122 सालों से चली जा रही है। खास बात यह है कि भक्त माता को…
