मैं रायसेन का नाला हूं... दो बार बजट बना पर हर बार मुझे अधूरा छोड़ दिया गया
भास्कर संवाददाता| रायसेन शहर को जलभराव से बचाने के लिए मेरा बनना जरूरी है। मेरी जरूरत समझी गई। दो बार योजनाएं बनीं, बजट स्वीकृत हुआ, टेंडर जारी हुए और निर्माण भी शुरू हुआ, लेकिन दोनों बार काम अधूरा…
