महिला टॉयलेट्स में भद्दे कमेंट्स:सिर्फ टॉयलेट नहीं, सोच की सड़ांध भी सह रही हैं महिलाएं... इस गंदगी की सफाई करवाइए
जरा इस टॉयलेट की दीवारों पर लिखा पढ़िए... किसी महिला के बारे में कोई इतना गंदा कैसे लिख सकता है? किसने लिखा होगा? उसकी क्या सोच रही होगी? ऐसी सोच वाले समाज में महिलाएं सहज कैसे रह सकती हैं? जब भास्कर…
