मई में तबादलों के बाद से नहीं हुई नियुक्ति:43 अदालतों में 1.14 लाख केस पेंडिंग, इनमें 84 प्रतिशत आपराधिक
न्यायाधीशों की कमी के चलते सुप्रीम कोर्ट में 96 हजार से अधिक मामले सुनवाई के लिए विचाराधीन हैं, जबकि देशभर की अधीनस्थ अदालतों में ऐसे लंबित मामलों की संख्या करीब 4 करोड़ 99 लाख 11 हजार 920 है।…
