‘मुक्ति भी किस्तों में’...:गुना जिले के 4 सहरिया आदिवासी गांवों में 25 मृतकों की अस्थियां डिब्बों में बंद
मौत के बाद अपने स्वजन को सम्मानजनक अंतिम विदाई देना हर परिवार का पहला फर्ज होता है, लेकिन बमोरी के सहरिया बहुल गांवों में यह विदाई सालों तक टलती रहती है। भयंकर गरीबी और तंगहाली के कारण दैनिक मजदूरी…
