मुक्ति कोई नहीं दिला सकता, आत्मा को खुद पुरुषार्थ करना होगा : मुनिश्री
मुनि श्री निर्णय सागर महाराज ने कहा कि मुक्ति कोई दूसरा नहीं दिला सकता। आत्मा को स्वयं पुरुषार्थ करना होता है। गुरु मार्ग दिखाते हैं। शास्त्र दिशा का बोध कराते हैं। आत्मकल्याण की यात्रा साधना से ही…
