न डॉक्टर बन पाया, न खिलाड़ी:पहली NEET में 350 नंबर, री-एग्जाम में 178 आए; तैयारी में खेल की प्रैक्टिस भी छोड़ी
मेरी मां चाहती थीं कि मैं डॉक्टर बनूं, लेकिन मैं सॉफ्टबॉल में करियर बनाना चाहता था। कोरोना में मां की मौत के बाद उनकी इच्छा पूरी करने का फैसला लिया, लेकिन NEET ने मेरा सपना तोड़ दिया। जब 23 साल का…
