नर्सों ने गुल्लक तोड़ी, उपाधीक्षक ने ब्लड-प्लाज्मा जुटाया, दवाएं दिलवाईं:और फिर सदर अस्पताल में 11 साल की अनीता को मिल गया नया जीवन
पीएफ मलेरिया, पीलिया और ब्लड इंफेक्शन से मजदूर की बेटी जूझ रही थी, इलाज के लिए पैसे नहीं थे ‘डॉक्टर का काम केवल पर्ची लिखना नहीं, बल्कि हर हाल में जिंदगी बचाना है’- इस कथन को रांची सदर अस्पताल की…
