पीड़िताओं की ढाल बनीं एक वीरांगना:अंधविश्वास पर भारी पद्मश्री छुटनी, बचाईं 2000 जिंदगियां
अपने दर्द को ताकत बना लिया, ताकि किसी और बेटी-मां को यह नरक न देखना पड़े, खुद झेला डायन का दंश... अब ओपन कोर्ट और नुक्कड़ नाटक से दे रही हैं इस कुप्रथा को करारा जवाब सरायकेला के नीमडीह स्थित खुदीलौंग…
