शहर में समाए, फिर भी पराए...:टैक्स शहरी, पर 43 साल बाद भी न सड़कें, न पानी का इंतजाम
साल 1983 और 2014 में कई ग्रामीण इलाके भोपाल निगम सीमा में शामिल हुए। लंबे अर्से बाद भी इन इलाकों में शहरी जैसा कुछ है तो सिर्फ वसूला जाने वाला टैक्स। बुनियादी सुविधाओं में ये इलाके आज भी गांवों जैसे…
