‘सपने बहुत थे... अब कुछ भी संभव नहीं दिख रहा’:आंखों के सामने गंगा में समा रहे घर, भोजपुर में गंगा के कटाव पीड़ितों की आपबीती
‘मेरे सपने बहुत बड़े हैं,लेकिन अब कुछ भी संभव नहीं दिख रहा है... कभी इस तरह की स्थिति की मैंने कल्पना भी नहीं की थी, ऐसी स्थिति में पढ़ाई में ध्यान नहीं लग रहा। जिस घर में रहकर पढ़ाई की, जहां बैठकर…
