Jharkhand

सराइकेला छऊ के संरक्षण के लिए निरंतर साधना है जरूरी

Dainik Bhaskar - Jharkhand·26 Sep 2026
सराइकेला छऊ के संरक्षण के लिए निरंतर साधना है जरूरी

सरायकेला छऊ केवल नृत्य नहीं, बल्कि गति, संगीत, लय, मुखौटा, शिल्प, सौंदर्यबोध और गुरु-शिष्य परंपरा से जुड़ी जीवंत सांस्कृतिक विरासत है। वर्ष 2010 में छऊ को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक…

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