सत्ता के मद व अहंकार का दुष्परिणाम स्वयं भुगतना ही पड़ता है : जिन मनोज्ञ सूरीश्वर
कुशल कल्पतरू वर्षावास के तहत ब्रह्मसर तीर्थ में आयोजित व्याख्यान माला में खरतरगच्छाचार्य जिन मनोज्ञ सूरीश्वर महाराज ने गुरुभक्तों को संबोधित करते हुए भगवान महावीर के विभिन्न भवों का विस्तार से वर्णन…
