त्योहारों की खुशियां मातम में बदलीं:यमुनानगर में तीन माह से इकलौते बेटे के शव का इंतजार, दिव्यांग पिता की आंखें पथराईं
यमुनानगर के जिस घर में कुछ महीने पहले तक बेटे की हंसी गूंजती थी, वहां अब तीन महीने से सिर्फ इंतजार और मातम पसरा है। जिस पिता को अपने इकलौते बेटे के घर लौटने की उम्मीद थी, उसे उसकी मौत की खबर तो मिल…
